Bhattimahakavyam भट्टिमहाकाव्यम् 5-8 Sarg
₹120
₹120
Ex Tax: ₹120
भट्टिकाव्य में चार कांड हैं. पहले कांड में पहले पांच सर्ग हैं. इनमें क्रमशः रामजन्म, सीताविवाह, राम का वनगमन एवं सीताहरण तथा राम के द्वारा सीतान्वेषण का उपक्रम वर्णित है.
भट्टिकाव्य के 15 सर्गों में अनुष्टुप्, 5 सर्गों में उपजाति और एक सर्ग में आर्या छंद का प्रयोग हुआ है.
महाकाव्य में सर्गों की संख्या आठ से ज़्यादा होती है. एक सर्ग में आम तौर पर एक ही छंद का इस्तेमाल होता है.
Tags: Gopaldutt Pandey, Bhattimahakavyam भट्टिमहाकाव्यम् 5-8 Sarg
