Ashtang Yoga - अष्टांग योग (यम, नियम से समाधि तक का मार्ग)
Ashtang Yoga - अष्टांग योग (यम, नियम से समाधि तक का मार्ग)
यह पुस्तक केवल योग की एक विधा नहीं, बल्कि जीवन को साधने की समग्र विधा है। इसमें हम योग को केवल शारीरिक क्रिया के रूप में नहीं, बल्कि चित्त की वृत्तियों के निरोध की एक अनुशासित प्रक्रिया के रूप में देखेंगे।
प्रस्तुत पुस्तक का उद्देश्य साधक को प्राचीन ज्ञान परंपरा से जोड़ते हुए इसके व्यावहारिक पक्षों को भी उजागर करना है। यह एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका है जो पातंजलि के योगसूत्रों में वर्णित यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि—आठों अंगों का गहन एवं सरल विवेचन प्रस्तुत करती है।
जिस प्रकार सूर्य की किरणें बिना किसी भेदभाव के सभी पर पड़ती हैं, उसी प्रकार यह पुस्तक हर स्तर के साधक के लिए समान रूप से लाभकारी है। इसमें उपलब्ध ज्ञान-राशि जिज्ञासु व्यक्ति से लेकर नियमित अभ्यासी तक, सभी के लिए प्रासंगिक और उपयोगी है।
“संयम के बिना संसार की कोई भी वस्तु निरर्थक है” इस मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए इस पुस्तक में मन और शरीर दोनों स्तरों पर संयम को साधने के गहरे उपाय बताए गए हैं।
हम आशा करते हैं कि यह पुस्तक आपके लिए एक श्रेष्ठ पथ प्रदर्शक सिद्ध होगी, और इसके माध्यम से आप आत्म-साक्षात्कार के उस परम लक्ष्य की ओर अग्रसर होंगे, जिसकी ओर महर्षि पातंजलि ने सहस्राब्दियों पहले संकेत किया था।
Tags: Ashtang Yoga - अष्टांग योग (यम, नियम से समाधि तक का मार्ग), Pt. Rakesh Sharma
